हर साल सर्दियों का मौसम जैसे ही शुरू होता है, मेरे साथ एक घटना जरूर होती है, और हो सकता है वही घटना आप लोगो के साथ भी होती होगी| सर्दियां आते ही हमें पहलें से बहुत ज्यादा नींद आती है, पूरा शरीर सस्ती और थकान महसूस करता है|
इस मौसम में हम कई बार खुद से वादा करते हैं के अगले दिन सुबह जल्दी उठकर कुछ नया करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आलस के कारण हम वैसा कुछ भी नही कर पाते है| घड़ी में अलार्म अपने मगन में बजती रहती है, लेकिन हमारा मन गर्म रजाई छोड़कर उठने को मानता नहीं है|
बार-बार ऐसा होने पर मुझे लगने लगा कि मैं पहले से ज्यादा आलसी हो चुका हूं| लेकिन असल में ऐसा कुछ भी नहीं है, जब मैंने इसपर थोड़ा रिसर्च किया, तब मुझे समझ आया ठंड के मौसम में ज्यादा नींद आना, शरीर में सुस्ती और आलस क्यों आती है|
इसके क्या कारण है और इससे निपटने के लिए हम क्या कर सकते हैं| इस आर्टिकल में उन चीजों के बारे में विस्तार से बताऊंगा हूं, जिन्हें अपनाकर मैंने आलस को अपने जीवन से हमेशा के लिए दूर भगा दिया है|
1. सर्दियों में ज्यादा नींद आना आम समस्या है या नहीं?
मैंने एक चीज नोटिस किया है, हमारे समाज के लोग अक्सर उन्हें आलसी और कामचोर मानते हैं, जो लोग ज्यादा सोते हैं| लेकिन असल में ऐसा कुछ भी नहीं है, जब मैंने इस बारे में डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट से बातचीत कि, तब मुझे मालूम हुआ के हमारा शरीर हर मौसम में एक जैसा काम नहीं करता है|
इस बात को एक उदाहरण के जरिये समझिए, जैसे गर्मियों के मौसम में हम किसी भी काम को करते हैं, तो पसीना आना एक आम और नेचुरल समस्या होती है| बिल्कुल इसी तरह सर्दियों के मौसम में ज्यादा नींद आना भी नेचुरल समस्या होती है|
इस मौसम के आते ही मैंने खुद में एक बदलाव देखा और हो सकता है ये बदलाव आप में भी होता होगा| गर्मियों के मौसम में जहां मैं जल्दी और समय पर उठ जाता था, वहीं सर्दियों के मौसम में उस समय पर उठाना मेरे लिए बहुत बड़ी समस्या बन जाती है|
मेरी आदतों में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होते है, फर्क सिर्फ मौसम का होता है| गर्मियों में दिन और रात बराबर होते हैं और सर्दियां आते ही रात बड़ी और दिन छोटी हो जाती है, जिस कारण हमारे साथ यह सब कुछ होता है|
आशा करता हूं इस उदाहरण के जरिए आप इस बात को अच्छे से समझ चुके होंगे|
2. मेटाबॉलिज्म का गड़बड़ाना?
मेटाबॉलिज्म अक्सर सर्दियों के मौसम में गड़बड़ा जाती है| ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस मौसम में दूप पहले के मुकाबले देर से निकलती है और शाम होते ही गायब हो जाती है| इसका सिर्फ एक आसान सा मतलब यह है जल्दी अंधेरा होना|
आसमान में अंधेरा छाने से हमारे शरीर में मेलाटोनिन नमक हार्मोनल बढ़ जाता है| यह हार्मोन हमारे शरीर को नींद में ले लाने का काम करती है| जब शरीर में इसकी मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, तो दिन में सुस्ती और आलस महसूस होने लगती है|
जब मैं इस बात को हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों की मदद से अच्छी तरह समझा तब मुझे अपने शरीर पर गुस्सा आना कम होने लगा, और मैंने इसे कंट्रोल करने के लिए सुबह की धूप, कुछ देर व्यायाम और योग करना शुरू कर दिया|
सिर्फ 7 से 8 दिनों में ही मुझमें बहुत से बदलाव हुए और मैं इस मौसम में भी दिनभर एक्टिव रहने लगा|
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3. शरीर में विटामिन-D की कमी होना?
शरीर में आलस और सुस्ती होना विटमिन-D की कमी हो सकती है| शुरुआत में मैंने बाकि लोगो की तरह इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन विटामिन डी हमारे शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए बहुत जरूरी है|
जब मैंने अपना ब्लड टेस्ट करावाया तो डॉक्टर ने बताया इसमें विटामिन-D की कमी है, विटामिन-D की कमी होने पर शरीर सुस्त और थका हुआ महसूस करता है|
इससे बचने के लिए मैंने सुबह की धूप सेकना चालू किया, कुछ विटामिन-D फूड्स खाना शुरू किया, जैसे- अंडा, मछली, दूध, दही आदि| अगर आपको किसी कारण सुबह की धूप सेकने का समय नहीं मिल पा रहा है तो विटामिन-D के फूड्स को खाकर अपने शरीर में उन्हें बरकरार रख सकते हैं |
4. भारी भोजन और पानी की कमी?
ठंड के मौसम में अक्सर सारे लोग तले भुने और भारी भोजन को खाना ज्यादा पसंद करते हैं और यह गलती मै भी पिछले कुछ सालों से करते आ रहा था|
इस मौसम में हमें ज्यादा पानी पिने की आदत नहीं होती है और भारी भोजन करने के बाद हम और भी कम पानी पीते है|
इसका सीधा मतलब यह है कि पानी की कमी होने पर हमारा शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे हमारी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है|
इनसे बचने के लिए मैंने ये उपाय अपनाया, जैसे-
1. भारी भोजन करना कम कर दिया|
2. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी शुरू किया|
3. हल्का और पौष्टिक खाना अपनाया|
5. चलने फिरने में कमी और सेहत पर असर?
ठंड के मौसम में लोग बाहर बहुत कम निकलते हैं, और ऐसा करना बिल्कुल सही है| सर्दियों में बाहर ज्यादा घूमने पर हमें ठंड लग सकती है | पर बिल्कुल भी बाहर न जाना यह बहुत बड़ी बेवकूफी होगी, ऐसा इसलिए क्योंकि इससे आपकी बॉडी की फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम हो जाएगी|
जिससे आपके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बहुत धीमा हो जाएगा और आप बार-बार थकान महसूस करोगे, थकान सिर्फ काम करते समय पर नहीं होता, बल्कि आप घर पर खाली बैठे हैं तो भी आपको थकान हो सकती है, यह सब आपकी बॉडी की कम मूवमेंट पर हो सकता है|
इसलिए आपको रोजाना 5000 से 6000 कदम चलना और कुछ एक्सरसाइज करना चाहिए, इससे आपकी बॉडी मैं ब्लड सर्कुलेशन बराबर बना रहेगा और आप फिट रहोगे|
6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. क्या ठंड के मौसम में ज्यादा नींद आना आम बात है?
Answer- हाँ, ठंड के मौसम में ज़्यादा नींद आना आम बात है|
Q2. क्या धूप की कमी से ज़्यादा नींद आती है?
Answer- हाँ, धूप कम मिलने से हमारे शरीर में Vitamin-D कम हो जाती है, जिससे हमारी थकान और नींद बढ़ती है|
Q3. सर्दियों में कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए?
Answer- ठंड के मौसम में आमतौर पर 7–8 घंटे की नींद लेना पर्याप्त होता है|
Q4. क्या सर्दियों में चाय या कॉफी पीना नींद पर असर डालता है?
Answer: हाँ, ज्यादा चाय या कॉफी पीने से रात को नींद कम आ सकती है|
Q5. क्या सर्दियों में हल्का स्नैक खाने से ऊर्जा बढ़ सकती है?
Answer: हाँ, सर्दियों में हल्का स्नैक खाने से ऊर्जा बढ़ सकती है, जैसे- कुछ फल, नट्स और दही|
निष्कर्ष
सर्दियों में अधिक नींद आना हर बार आलस नहीं होता है, कई बार ऐसा होने का कारण यह है कि, हमारा शरीर हमें बता रहा होता है मौसम बदल रहा है और हमें उस मौसम के हिसाब से खुद को डालना होगा|
डिस्क्लेमर
यह जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य और जागरूकता के लिए दी गई है| अगर आपको ज्यादा थकान, सुस्ती या नींद से जुड़ी गंभीर समस्या महसूस हो रही है, तो आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें|
लेखक परिचय:
Md Faiz स्वास्थ्य, फिटनेस और जिम से जुड़े विषयों पर लेख लिखते हैं| उन्हें वर्कआउट, डाइट और स्वस्थ जीवनशैली में खास रुचि है| वे अपने अनुभव और सामान्य जानकारी के आधार पर आसान भाषा में उपयोगी टिप्स साझा करते हैं, ताकि लोग स्वस्थ और फिट रह सकें|
समाप्त!
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Health
