Girl's Pereid problem: पीरियड के पहले दिन का असहनीय पेट दर्द तुरंत कैसे कम करें? 7असरदार घरेलू उपाय

1. पीरियड में दर्द क्यों होता है? 

लड़कियों को पीरियड के पहले दिन ज्यादा दर्द इसलिए होता है क्योंकि उनके शरीर में एक खास तरह का केमिकल बढ़ जाता है, जिसे प्रोस्टाग्लैंडिन कहते हैं| यह केमिकल गर्भाशय को सिकुड़ने में मदद करता है, ताकि उसकी अंदर की परत शरीर से बाहर निकल सके| जब गर्भाशय ज्यादा जोर से सिकुड़ता है, तो पेट और कमर में ऐंठन और तेज दर्द महसूस होता है|

इसके अलावा कई बार पीरियड के पहले दिन ब्लीडिंग थोड़ी ज्यादा हो सकती है| ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उसी दिन गर्भाशय की अंदरूनी परत ज्यादा मात्रा में बाहर निकलती है| 

अच्छी बात यह है कि हर बार दवा लेना जरूरी नहीं होता है| कुछ आसान घरेलू उपायों से भी राहत पाई जा सकती है| आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि पहले दिन दर्द ज्यादा क्यों होता है, अचानक तेज दर्द के पीछे क्या कारण हो सकते हैं, बिना दवा के राहत पाने के 7 आसान उपाय कौन से हैं, और किन सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है|

2. पीरियड के पहले दिन ज्यादा पेट दर्द क्यों होता है?

पीरियड के पहले दिन पेट दर्द (Menstrual Pain) कई लड़कियों और महिलाओं को ज्यादा महसूस होता है| आपको बता दे, इसे मेडिकल भाषा में डिसमेनोरिया (Dysmenorrhea) कहा जाता है| नीचे दिए गए कारणों को आसान शब्दों में समझिए| 

हार्मोन बदलाव (Prostaglandins)

पीरियड शुरू होने से ठीक पहले शरीर में कुछ केमिकल मैसेंजर एक्टिव हो जाते हैं, जिनमें प्रोस्टाग्लैंडिन सबसे अहम होता है| यह गर्भाशय की मांसपेशियों को एक्टिव करता है ताकि पुरानी परत बाहर निकल सके|

जब यह केमिकल जरूरत से ज्यादा बनता है, तो मांसपेशियों में तेज खिंचाव और ऐंठन होने लगती है| यही खिंचाव नीचे पेट, कमर और कभी-कभी जांघों तक दर्द पहुँचा सकता है| इस प्रक्रिया के दौरान कई बार महिलाओं को हल्का चक्कर या सिरदर्द भी महसूस हो सकता है| 

वैज्ञानिक तथ्य:
मेडिकल रिसर्च के अनुसार जिन महिलाओं को पीरियड के दौरान ज्यादा दर्द होता है, उनके शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन का स्तर सामान्य से अधिक होता है| जब यह सिकुड़न ज़्यादा होती है, तो पेट के निचले हिस्से में दर्द या ऐंठन महसूस होती है| इसकी ज्यादा मात्रा गर्भाशय में खून का प्रवाह थोड़ी देर के लिए कम कर सकती है, जिससे दर्द और ऐंठन बढ़ जाती है| 

गर्भाशय की सिकुड़न

हम सब जानते हैं कि पीरियड के दौरान शरीर गर्भाशय की अंदरूनी परत (Endometrium) को बाहर निकालता है| इस प्रक्रिया के समय गर्भाशय बार-बार सिकुड़ता और ढीला होता है, जिससे अधिक सिकुड़न होने से नीचे पेट में ऐंठन (Cramping) होती है| 

गैस और ब्लोटिंग

पीरियड से पहले शरीर में पानी रुकने (Water Retention) और हार्मोन बदलाव की वजह से कई  बार पेट फूलना, गैस बनना और पूरा शरीर भारी महसूस हो सकता है| इससे पेट दर्द और ज्यादा लग सकता है, खासकर पीरियड के पहले दिन| 

पहली बार पीरियड में ज्यादा दर्द होना

जब किसी लड़की को पहली बार पीरियड आता है, तो शरीर को इस नई प्रक्रिया की आदत नहीं होती| जिससे हार्मोन तेजी से बदलते हैं| ज्यादातर मामलों में गर्भाशय की मांसपेशियां ज्यादा संवेदनशील हो सकती हैं| इसलिए शुरुआती पीरियड्स में दर्द ज्यादा महसूस होता है| 



3. 7 असरदार घरेलू उपाय जो पीरियड में राहत देते हैं

1. गर्म पानी की सिकाई से तुरंत राहत

गर्म पानी की सिकाई से पेट दर्द, गैस या ऐंठन में जल्दी आराम मिलता है| इसके लिए सबसे पहले गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड लें और पेट पर रखें| अगर बोतल नहीं है तो कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर भी रख सकते हैं| 15–20 मिनट तक सिकाई करें|

यह प्रक्रिया दिन में 2–3 बार किया जा सकता है|जब तक दर्द या ऐंठन ठीक न हो जाए, 1–2 दिन तक करना जारी रखें| गर्माहट से मांसपेशियां ढीली होती हैं और दर्द कम हो जाता है| 

2. अदरक की चाय

अदरक की चाय पेट की सूजन, गैस और मितली कम करने में मदद करती है| इसमें कई प्राकृतिक गुण मौजूद होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाते हैं| इसे दिन में 2 बार पिया जा सकता है, ज्यादा दर्द हो तो सुबह और शाम जरूर लें| 

3. दालचीनी या हल्दी वाला दूध

दालचीनी और हल्दी दोनों में सूजन कम करने के गुण मौजूद होते हैं| एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी या एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाएं और इसे अच्छी तरह घोलकर रात को सोने से पहले पिएँ| इससे शरीर को भी ताकत मिलती है और नींद भी अच्छी आती है| 

4. हल्का योग और स्ट्रेचिंग

हल्का योग करने से पेट और पूरे शरीर को राहत मिलती है| रोजाना बालासन (Child Pose) और भुजंगासन (Cobra Pose) करें, इससे पीरियड के दौरान राहत मिलती है| इन्हें खाली पेट या खाना खाने के 2 घंटे बाद करें| 

5. मेथी पानी या सौंफ पानी

मेथी और सौंफ पेट में बने गैस, अपच और ऐंठन में राहत देती हैं| एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी दाना रातभर भिगो कर रख दें और सुबह खाली पेट पिएं| सौंफ के लिए एक चम्मच सौंफ को पानी में उबालकर छान लें और दिन में 1–2 बार पिएं|यह पाचन सुधारता है और पेट हल्का करता है| 

6. पेट की हल्की मालिश

गुनगुना तेल से पेट की मालिश करें तो जकड़न और दर्द कम हो सकती हैं| नारियल तेल या सरसों का तेल लेकर पेट पर घड़ी की दिशा में हल्के हाथ से 5–10 मिनट मालिश करें| इसे दिन में 1–2 बार किया जा सकता है|

7. पर्याप्त पानी और हल्का भोजन

दिन भर में 7–8 गिलास पानी जरूर पिएं| हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें जैसे खिचड़ी, दही, सूप और उबली सब्जियां| ज्यादा तला-भुना, बहुत मसालेदार और जंक फूड से बचें|

4. पीरियड के दौरान किन चीजों से बचें?

ज्यादा ठंडा खाना

पीरियड के दौरान बहुत ज्यादा ठंडा खाना जैसे आइसक्रीम, बर्फ वाला पानी या फ्रिज में रखा हुआ खाना खाने से पेट में दर्द और ऐंठन बढ़ सकती है| कुछ महिलाओं को इससे गैस और असहजता भी महसूस होती है| इस समय शरीर पहले से ही संवेदनशील होता है, इसलिए ठंडी चीजें कम मात्रा में लेना बेहतर रहता है| 

ज्यादा कैफीन पीना

कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, ज्यादा कैफीन लेने से पीरियड के दौरान दर्द और बढ़ सकता है| 2016 में American Journal of Clinical Nutrition में छपे एक अध्ययन और 2020 में BMC Women's Health में प्रकाशित शोध में पाया गया कि अधिक कैफीन लेने वाली महिलाओं में PMS और पीरियड्स दर्द की शिकायत ज्यादा थी| 

वैज्ञानिकों का मानना है कि कैफीन हार्मोन और रक्त नलिकाओं को प्रभावित करती है, जिससे ऐंठन और दर्द अधिक महसूस हो सकता है, इसलिए इस समय कैफीन कम लेना बेहतर माना जाता है| 

भारी तला भोजन

पीरियड्स में ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और तेल वाला खाना-खाने से पेट में जलन, गैस और अपच हो सकती है| ऐसे खाने से सूजन भी बढ़ सकती है, इसलिए इस समय हल्का, घर का बना और पौष्टिक भोजन जैसे दाल, सब्जी और फल खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और कमजोरी कम होती है|


5. कब डॉक्टर से संपर्क करें?

1. दर्द 2–3 दिन से ज्यादा रहे या इतना तेज हो कि दवा लेने पर भी आराम न मिले|

2. बहुत ज्यादा ब्लीडिंग (हर 1–2 घंटे में पैड पूरी तरह भीग जाए)|

3. लगातार 7 दिन से ज्यादा ब्लीडिंग हो| 

4. बेहोशी आना, चक्कर या उल्टी बार-बार होना|

5. तेज बुखार, बदबूदार डिस्चार्ज और निचले पेट में असामान्य दर्द होना| 

निष्कर्ष

पीरियड के पहले दिन दर्द होना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, जो गर्भाशय की सिकुड़न और हार्मोन बदलाव की वजह से होता है| सही देखभाल से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है| हर बार दवा जरूरी नहीं होती है, लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा या असामान्य लगे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है| सबसे अहम बात यह है कि पीरियड्स प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए घबराने की बजाय समझदारी से इसका ध्यान रखना ही सही तरीका होता है| 

डिस्क्लेमर

यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए दी गई है| यह किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है| यदि आपके पीरियड्स के दौरान अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रहा है, तो तुरंत अपने किसी डॉक्टर से बात करें| 

पीरियड से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) 

Q1. क्या पीरियड के समय नहा सकते हैं?

उत्तर- बिल्कुल नहाना चाहिए| गुनगुने पानी से नहाने से शरीर रिलैक्स होता है और ऐंठन में भी राहत मिल सकती है|

Q2. क्या पीरियड्स में मीठा खाने की इच्छा बढ़ना सामान्य है?

उत्तर- हाँ, कई लड़कियों को इस दौरान मीठा या खास तरह का खाना खाने का मन करता है| यह सब हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है| 

Q3. क्या पीरियड्स में शरीर का वजन बढ़ जाता है?

उत्तर- कुछ महिलाओं को इस दौरान हल्का वजन बढ़ा हुआ लग सकता है, जो अक्सर पानी रुकने (वॉटर रिटेंशन) की वजह से होता है| 

Q4. पीरियड्स के दौरान चॉकलेट खाना नुकसान देह है?

उत्तर- नहीं पीरियड के दौरान चॉकलेट खाने से कोई नुकसान नहीं है बल्कि इससे मन चिड़चिड़ा कम होता है| 

लेखक परिचय:
Md Faiz स्वास्थ्य, फिटनेस और जिम से जुड़े विषयों पर लेख लिखते हैं| उन्हें वर्कआउट, डाइट और स्वस्थ जीवनशैली में खास रुचि है| वे अपने अनुभव और सामान्य जानकारी के आधार पर आसान भाषा में उपयोगी टिप्स साझा करते हैं, ताकि लोग स्वस्थ और फिट रह सकें|

समाप्त!

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